मुंबई के Borivali में रियल एस्टेट डेवलपर अशोक जेठवा और बेटे मिहिर पर करीब 3 करोड़ की ठगी का आरोप। फर्जी दस्तावेज, फ्लैट का झांसा, कई केस दर्ज।
मुंबई: बोरीवली इलाके में एक बड़े रियल एस्टेट फ्रॉड का खुलासा हुआ है। रिटायर्ड शिपिंग कर्मचारी और अन्य निवेशकों से करोड़ों रुपये लेकर फ्लैट न देने के आरोप में डेवलपर अशोक जेठवा (55) और उसका बेटा मिहिर जेठवा (35) पुलिस के शिकंजे में आ गए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने फर्जी दस्तावेज, झूठे वादे और रेरा रजिस्ट्रेशन का हवाला देकर कई लोगों को ठगा।
🔍 क्या है पूरा मामला
कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रज्योत डाभोलकर (60), जो कांदिवली ईस्ट के निवासी और रिटायर्ड शिपिंग कर्मचारी हैं, वर्ष 2015 में एक फ्लैट खरीदने की तलाश में थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात ब्रोकर नवीनचंद्र बरखड़ा से हुई, जिसने उन्हें मिहिर जेठवा से मिलवाया।
मिहिर ने खुद को और अपने पिता अशोक जेठवा को बोरीवली इलाके का नामी रियल एस्टेट डेवलपर बताते हुए कई प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी।
🏗️ फ्लैट नहीं पसंद आए, निवेश का लालच दिया
डाभोलकर को शुरू में दिखाए गए फ्लैट्स पसंद नहीं आए। इसके बाद मिहिर ने उन्हें “आने वाले प्रोजेक्ट्स” में निवेश करने का सुझाव दिया और भरोसा दिलाया कि बदले में उन्हें बोरीवली वेस्ट में पांच फ्लैट मिलेंगे।
अक्टूबर 2015 से दिसंबर 2019 के बीच डाभोलकर ने अलग-अलग किश्तों में ₹2.12 करोड़ निवेश कर दिए। वहीं उनकी सास से भी ₹85 लाख लिए गए।
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❌ पैसे गए, न फ्लैट मिला न रिफंड
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने यह रकम प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय निजी इस्तेमाल में लगा दी। न तो फ्लैट दिए गए और न ही पैसे लौटाए गए। जब शिकायतकर्ता ने दबाव बनाया तो टालमटोल शुरू हो गई।
👤Borivali दूसरा निवेशक भी ठगा गया
इसी तरह खार वेस्ट के रहने वाले एक 50 वर्षीय निवेशक ने भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जेठवा पिता-पुत्र ने उन्हें बोरीवली ईस्ट के नील आकाश को-ऑप हाउसिंग सोसायटी प्रोजेक्ट में तीन फ्लैट देने का झांसा दिया।
उन्हें बताया गया कि:
- इमारत को 10 मंज़िलों की मंज़ूरी है
- 3 अतिरिक्त मंज़िलों का प्रस्ताव BMC में लंबित है
- प्रोजेक्ट RERA रजिस्टर्ड है
- 31 दिसंबर 2018 तक कब्ज़ा मिलेगा
इन बातों पर भरोसा कर उन्होंने ₹1.74 करोड़ ट्रांसफर कर दिए।
🏚️ साइट पर सिर्फ 6 मंज़िल, काम बंद
जब निवेशक ने दिसंबर 2018 में साइट देखी, तो केवल 6 मंज़िलें बनी थीं और निर्माण पूरी तरह बंद था। बाद में आरोपियों ने कांदिवली में फ्लैट देने का वादा किया, जो कभी नहीं मिला। पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर जवाब मिला –
“जो करना है कर लो।”
🚓 केरल से गिरफ्तारी, फर्जी पहचान का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर अलग-अलग राज्यों में छिपते फिर रहे थे।
जोन-12 की स्पेशल टीम ने उन्हें केरल के एर्नाकुलम स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया और मुंबई लाया गया।
📂 एक नहीं, कई मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार, जेठवा पिता-पुत्र के खिलाफ 6 से अधिक केस दर्ज हैं।
📌 प्रमुख केस डिटेल्स
- Cr No. 177/25 – ₹1.17 करोड़
- Cr No. 488/25 – ₹1.51 करोड़
- Cr No. 351/25 – ₹1.74 करोड़
- Cr No. 852/23 (MPID) – ₹13.52 करोड़
- Cr No. 288/23 – ₹75 लाख
- Cr No. 108/23 – ₹1.20 करोड़
- बोरीवली: Cr No. 75/21, 464/24
- MHB कॉलोनी: Cr No. 356/23
⚠️ पुलिस की अपील
पुलिस ने आशंका जताई है कि और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। ऐसे किसी भी व्यक्ति से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।
❓ FAQ
Q1. आरोपी कौन हैं?
अशोक जेठवा और उनका बेटा मिहिर जेठवा, दोनों रियल एस्टेट डेवलपर बताए जा रहे हैं।
Q2. कुल कितनी रकम की ठगी का आरोप है?
अलग-अलग मामलों में ₹20 करोड़ से ज्यादा की ठगी का आरोप है।
Q3. गिरफ्तारी कहां से हुई?
केरल के एर्नाकुलम से, जहां वे फर्जी पहचान के साथ रह रहे थे।
Q4. क्या और पीड़ित सामने आ सकते हैं?
पुलिस के मुताबिक, संभावना है कि और निवेशक भी ठगे गए हों।
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