मुंबई में बिना ISI खिलौनों पर BIS की बड़ी कार्रवाई, 1,057 खिलौने जब्त

मुंबई के गोरेगांव में BIS ने बिना ISI मार्क और लाइसेंस के बिक रहे बच्चों के खिलौनों पर छापा मारकर 1,057 खिलौने जब्त किए। दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी।

मुंबई: बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सख्ती दिखाते हुए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) इलाके में बड़ी कार्रवाई की है।
28 जनवरी 2026 को BIS की मुंबई शाखा ने छापा मारकर बिना ISI मार्क और बिना वैध BIS लाइसेंस के बेचे जा रहे 1,057 खिलौनों को जब्त किया है। ये खिलौने 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बनाए गए थे, जो सुरक्षा मानकों के खिलाफ पाए गए।

मुंबई के गोरेगांव में खिलौना विक्रेता पर छापा

BIS अधिकारियों ने गोरेगांव (वेस्ट) स्थित M/s Daddy Drones नाम की फर्म के परिसर में तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान वहां बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रिकल और नॉन-इलेक्ट्रिकल खिलौने मिले, जिन पर अनिवार्य ISI मार्क मौजूद नहीं था

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इसके अलावा, फर्म के पास BIS Certification Marks (ISI) का कोई वैध लाइसेंस भी नहीं पाया गया।

कानून का उल्लंघन, आपराधिक कार्रवाई तय

BIS के अनुसार, यह मामला BIS अधिनियम, 2016 की धारा 17 का सीधा उल्लंघन है।
धारा 17 को धारा 29 के साथ पढ़ने पर यह स्पष्ट होता है कि ऐसे मामलों में आपराधिक शिकायत दर्ज की जाती है

अब BIS इस फर्म के खिलाफ अदालत में आपराधिक मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करेगा

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ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी रडार पर

BIS ने साफ किया है कि केवल विक्रेता ही नहीं, बल्कि ऐसे गैर-प्रमाणित उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने वाले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी कार्रवाई की जाएगी
अगर कोई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना BIS प्रमाणन वाले खिलौनों की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

कड़ी सजा का प्रावधान

BIS अधिनियम, 2016 के तहत दोषी पाए जाने पर:

  • पहली बार उल्लंघन पर
    👉 कम से कम ₹2 लाख का जुर्माना या 2 साल तक की जेल, या दोनों
  • दूसरी और आगे की बार उल्लंघन पर
    👉 कम से कम ₹5 लाख का जुर्माना, जो माल की कीमत के 10 गुना तक बढ़ सकता है, या जेल, या दोनों

सजा का फैसला सक्षम न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

BIS अधिकारियों का कहना है कि खिलौनों में इलेक्ट्रिक शॉक, जहरीले पदार्थ और आग लगने का खतरा हो सकता है।
इसलिए सरकार ने बच्चों के खिलौनों के लिए ISI मार्क अनिवार्य किया है, ताकि बच्चों की जान और स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।

देशभर में लगातार कार्रवाई

BIS नियमित रूप से देशभर में गुप्त सूचना के आधार पर सर्च और सीज़र ऑपरेशन चलाता है।
इसका मकसद है:

  • घटिया और असुरक्षित सामान की बिक्री रोकना
  • उपभोक्ताओं को गुमराह होने से बचाना
  • मानकों का सख्ती से पालन कराना

उपभोक्ताओं के लिए BIS की सलाह

BIS ने आम नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सामान खरीदने से पहले:

  • BIS Care App पर लाइसेंस की जांच करें
  • अगर लाइसेंस सस्पेंड, एक्सपायर या रद्द दिखे, तो शिकायत दर्ज करें

शिकायत कैसे करें?

यदि कहीं ISI मार्क या BIS हॉलमार्क का दुरुपयोग दिखे, तो जानकारी इस तरह दी जा सकती है:

  • BIS Care App (Android और iOS)
  • ईमेल या लिखित शिकायत
  • BIS कार्यालय से सीधे संपर्क

👉 सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. कार्रवाई कहां हुई?
मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) इलाके में।

Q2. कितने खिलौने जब्त किए गए?
कुल 1,057 खिलौने।

Q3. किस वजह से कार्रवाई हुई?
बिना ISI मार्क और बिना BIS लाइसेंस के खिलौनों की बिक्री।

Q4. सजा क्या हो सकती है?
जुर्माना, जेल या दोनों।

Q5. असली BIS लाइसेंस कैसे जांचें?
BIS Care App के जरिए।


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