Mumbai के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले आर्थर रोड जेल में एक कैदी ने पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया। घटना के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
मुंबई: आर्थर रोड कारागृह, जिसे देश की सबसे सुरक्षित जेलों में गिना जाता है, वहां से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जेल के अंदर ही एक कैदी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद पूरे जेल परिसर में हड़कंप मच गया है और जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
कैदी ने दी गालियां, रोकने पर किया हमला
जानकारी के मुताबिक, लोकेंद्र उदयसिंह रावत नाम का कैदी इस वक्त आर्थर रोड जेल में सजा काट रहा है। जेल के मुख्य गेट के पास खुली जगह में कुछ पुलिसकर्मी तैनात थे। इसी दौरान रावत वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को गालियां देने लगा।
स्थिति को संभालने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस सिपाही वाघ ने उसे समझाने और रोकने की कोशिश की, लेकिन बात उलटी पड़ गई। रावत ने अचानक वाघ पर हमला कर दिया और उन्हें बुरी तरह पीट दिया।
बीच-बचाव करने आए पुलिसकर्मियों पर भी हमला
जब पुलिस सिपाही वाघ के साथ मारपीट हो रही थी, तब अन्य पुलिसकर्मी बीच-बचाव के लिए दौड़े। लेकिन रावत इतना आक्रामक हो चुका था कि उसने अन्य पुलिसकर्मियों पर भी हमला करने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आखिरकार उसे काबू में किया गया।
इस अचानक हुई घटना से पूरे आर्थर रोड जेल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घायल पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती
हमले में गंभीर रूप से घायल हुए पुलिस सिपाही वाघ को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें कई जगह चोटें आई हैं, हालांकि उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
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कैदी के खिलाफ नया मामला दर्ज
इस मामले में जेल प्रशासन की शिकायत पर लोकेंद्र रावत के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि
- कैदी इतना आक्रामक क्यों हुआ
- जेल के भीतर सुरक्षा में कोई चूक तो नहीं हुई
- क्या पहले से किसी तरह की शिकायत या चेतावनी मौजूद थी
Mumbai के सबसे सुरक्षित जेल में सुरक्षा पर सवाल
आर्थर रोड जेल को हाई-सिक्योरिटी जेल माना जाता है। 26/11 हमले का आतंकी अजमल कसाब भी इसी जेल में बंद था। ऐसे में इस तरह की घटना ने जेल प्रशासन और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इससे पहले भी जेल के अंदर कैदियों के बीच झगड़े हो चुके हैं, लेकिन सीधे पुलिसकर्मी पर हमला होना बेहद गंभीर मामला है।
अनुशासन और सख्ती की जरूरत
पूर्व अधिकारियों का मानना है कि जेल के अंदर अनुशासन और सख्ती बेहद जरूरी है। अगर कैदी खुलेआम पुलिस पर हमला करने लगें, तो यह न सिर्फ जेल स्टाफ बल्कि पूरे सिस्टम की सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है।
अब देखना होगा कि इस घटना के बाद
- जेल प्रशासन क्या कदम उठाता है
- सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाते हैं
- दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. घटना कहां हुई है?
मुंबई की आर्थर रोड कारागृह में।
Q2. हमलावर कौन है?
लोकेंद्र उदयसिंह रावत नाम का कैदी।
Q3. घायल पुलिसकर्मी की हालत कैसी है?
उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, हालत स्थिर है।
Q4. क्या कैदी के खिलाफ नया केस दर्ज हुआ है?
हां, सरकारी काम में बाधा और पुलिस पर हमले का मामला दर्ज किया गया है।
Q5. क्या जेल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं?
हां, इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
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