28 जनवरी 2026 को बारामती में हुए भीषण विमान हादसे के बाद महाराष्ट्र सरकार ने 29 से 31 जनवरी तक तीन दिनों का सरकारी अवकाश घोषित किया। अवकाश का असर मुंबई में साफ नजर आ रहा है, जहां सड़कें खाली और रोजमर्रा का कारोबार ठप पड़ा है।
मुंबई: बुधवार 28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे के बाद पूरे राज्य में शोक का माहौल है। इस हादसे में राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और प्लेन में सवार 5 लोगों की मौत बाद राज्य सरकार ने गुरुवार 29 जनवरी से शनिवार 31 जनवरी तक तीन दिनों का सरकारी अवकाश घोषित कर दिया है। रविवार पहले से ही सरकारी छुट्टी का दिन है, ऐसे में सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार चार दिनों की छुट्टी मिल गई है। इस अवकाश का सबसे ज्यादा असर मुंबई शहर में देखने को मिल रहा है, जहां आम दिनों में हमेशा चहल-पहल से भरी रहने वाली सड़कें आज सूनसान नजर आ रही हैं।

कैसे हुआ बारामती विमान हादसा?
28 जनवरी की सुबह बारामती के पास एक निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि विमान में सवार राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ सभी 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। आग लगने के कारण विमान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। जिसके बाद पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई।

हादसे की खबर मिलते ही प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पूरे इलाके को सील कर दिया गया और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।
शोक में डूबी महाराष्ट्र सरकार, तीन दिन का अवकाश घोषित
इस दुखद घटना के बाद राज्य सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तीन दिनों का सरकारी अवकाश घोषित किया। सरकार का कहना है कि यह अवकाश शोक प्रकट करने और दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से रखा गया है।
सरकारी आदेश के अनुसार—
- सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे
- सरकारी स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी रहेगी
- गैर-जरूरी सरकारी कामकाज स्थगित रहेगा
हालांकि आवश्यक सेवाएं जैसे अस्पताल, पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी।
मुंबई में दिखा अवकाश का सीधा असर
मुंबई, जिसे कभी न सोने वाला शहर कहा जाता है, इन दिनों बिल्कुल बदला-बदला नजर आ रहा है।
जहां आम दिनों में लोकल ट्रेन, बस स्टैंड और सड़कें लोगों से भरी रहती हैं, वहीं अब—

- प्रमुख सड़कें खाली दिख रही हैं
- सरकारी इलाकों में सन्नाटा पसरा है
- ट्रैफिक जाम न के बराबर है
- दफ्तरों के बाहर ताले लटके हैं
ऐसा नज़ारा आमतौर पर गर्मियों की छुट्टियों या लंबे त्योहारों में ही देखने को मिलता है।
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रोजमर्रा का कारोबार ठप
अवकाश का असर सिर्फ सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं रहा।
मुंबई में रोजमर्रा के कारोबार पर भी इसका साफ असर पड़ा है—

- छोटे दुकानदारों की बिक्री घटी
- बाजारों में ग्राहक कम
- ऑटो-टैक्सी चालकों को सवारी नहीं
- कई निजी दफ्तरों में भी छुट्टी जैसा माहौल
कई व्यापारी संगठनों का कहना है कि लगातार चार दिन की सुस्ती से आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ा है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए गांव और सैर-सपाटे का मौका
सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए यह अवकाश किसी राहत से कम नहीं है।
कई कर्मचारियों ने—
- अपने गांव जाने की योजना बनाई
- परिवार के साथ समय बिताने का फैसला किया
- कुछ लोग सैर-सपाटे के लिए बाहर निकल गए
रेलवे स्टेशन और बस टर्मिनलों पर शहर से बाहर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी हुई नजर आई, हालांकि मुंबई के अंदरूनी इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा।
शोक और सन्नाटे का मिला-जुला माहौल
जहां एक तरफ लोगों को छुट्टी का मौका मिला, वहीं दूसरी ओर पूरे राज्य में शोक का माहौल भी बना हुआ है।
सरकारी इमारतों पर झंडे आधे झुके हुए नजर आए और कई जगहों पर श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं।
राज्य सरकार ने हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए सहायता और सहयोग का भरोसा भी दिलाया है।
बारामती विमान हादसा महाराष्ट्र के लिए एक गहरा सदमा साबित हुआ। सरकार द्वारा घोषित अवकाश ने जहां शोक व्यक्त करने का अवसर दिया, वहीं मुंबई जैसे महानगर की रफ्तार भी कुछ दिनों के लिए थम गई। सूनसान सड़कें, बंद दफ्तर और ठप कारोबार इस बात की गवाही दे रहे हैं कि यह हादसा राज्य के जनजीवन पर कितना गहरा असर डाल गया है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. कितने दिनों का सरकारी अवकाश घोषित किया गया है?
तीन दिन का अवकाश (29 से 31 जनवरी), रविवार पहले से छुट्टी है।
Q2. क्या सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे?
हां, गैर-जरूरी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे, जरूरी सेवाएं चालू रहेंगी।
Q3. मुंबई में सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ा?
ट्रैफिक, बाजार और रोजमर्रा के कारोबार पर।
Q4. यह लेख किस आधार पर लिखा गया है?
यह लेख एक काल्पनिक/फिक्शनल समाचार परिदृश्य पर आधारित है।
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