कनाडा वर्क वीज़ा के नाम पर 1.63 करोड़ की ठगी, मालाड से पति-पत्नी गिरफ्तार

मुंबई के मालाड में कनाडा वर्क वीज़ा दिलाने के नाम पर 37 लोगों से 1.63 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले पति-पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी डेढ़ साल से फरार थे।

मुंबई: कनाडा में नौकरी और वर्क वीज़ा दिलाने का सपना दिखाकर 37 लोगों से करीब 1 करोड़ 63 लाख रुपये की ठगी करने वाले पति-पत्नी को मालाड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को वीज़ा कंसल्टेंट बताकर लोगों को फंसाते थे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए रकम ऐंठते थे। पुलिस को शक है कि इस गिरोह से जुड़े और भी मामले सामने आ सकते हैं।

डेढ़ साल से फरार थे आरोपी

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रीना गौरव शाह और गौरव शाह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने से पहले ही दोनों फरार हो गए थे और करीब डेढ़ साल से पुलिस को चकमा दे रहे थे। हाल ही में मालाड पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को दबोच लिया।

कैसे हुआ ठगी का खुलासा

इस मामले की शिकायतकर्ता सारिका हैं, जो मालवणी इलाके में अपनी मां के साथ रहती हैं। करीब दो साल पहले वह बोरीवली स्थित एक निजी कंपनी में जनरल मैनेजर के पद पर काम कर रही थीं और कनाडा में नौकरी की तलाश में थीं।

इसी दौरान उन्होंने मालाड के काचपाड़ा इलाके में स्थित ‘द वीज़ा मेंशन’ नामक कंपनी का विज्ञापन देखा। संपर्क करने पर उन्हें ऑफिस बुलाया गया, जहां उनकी मुलाकात कंपनी की मालकिन बताई जा रही रीना शाह और गौरव शाह से कराई गई।

7 लाख में वर्क वीज़ा का लालच

आरोपियों ने सारिका को भरोसा दिलाया कि वे 7 लाख रुपये में कनाडा वर्क वीज़ा दिलवा देंगे। उन्हें कंपनी का ई-मेल आईडी भी दिया गया और कुछ दिनों बाद कथित तौर पर कनाडा की एक कंपनी से जॉब ऑफर भेजा गया।

सारिका को पहला ऑफर संदिग्ध लगा, लेकिन बाद में दूसरा ऑफर भेजा गया, जिस पर भरोसा कर उन्होंने वीज़ा प्रक्रिया के लिए किस्तों में 7.16 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

वर्क वीज़ा की जगह मिला विज़िटर वीज़ा

11 जून 2024 को आरोपियों ने बताया कि सारिका का कनाडा वर्क वीज़ा मंजूर हो गया है। जब वह मुंबई के महालक्ष्मी स्थित कनाडा कांसुलेट पहुंचीं, तो वहां पता चला कि दिया गया वीज़ा वर्क नहीं बल्कि विज़िटर वीज़ा है।

इसके बाद वह जब मालाड स्थित ‘द वीज़ा मेंशन’ के ऑफिस पहुंचीं, तो वह बंद मिला। फोन कॉल और मैसेज का भी कोई जवाब नहीं मिला।

37 लोगों से 1.56 करोड़ से ज्यादा की ठगी

जांच में सामने आया कि सारिका अकेली पीड़िता नहीं थीं। ठीक इसी तरह 36 अन्य लोगों को भी कनाडा वर्क वीज़ा का झांसा देकर ठगा गया था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कुल ₹1,56,70,400 की रकम वसूल की और उसे हड़प लिया।

मालाड पुलिस की कार्रवाई

सभी सबूत जुटाने के बाद मालाड पुलिस ने रीना और गौरव शाह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। लंबे समय तक फरार रहने के बाद आखिरकार दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस का कहना है कि:

  • आरोपियों के बैंक खातों और लेन-देन की जांच की जा रही है
  • अन्य पीड़ितों की संख्या और बढ़ सकती है
  • इस रैकेट से जुड़े और लोगों की भूमिका की भी जांच हो रही है

FAQ

Q1. यह ठगी किस इलाके में हुई?
👉 मुंबई के मालाड इलाके में।

Q2. कुल कितने लोग ठगी का शिकार हुए?
👉 37 लोग।

Q3. ठगी की कुल रकम कितनी है?
👉 करीब 1.63 करोड़ रुपये।

Q4. आरोपी कौन हैं?
👉 रीना गौरव शाह और गौरव शाह।

Q5. पुलिस आगे क्या जांच कर रही है?
👉 अन्य पीड़ितों, बैंक ट्रांजैक्शन और इस रैकेट से जुड़े लोगों की जांच।

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