Mumbai: ओशिवारा पुलिस स्टेशन में हंगामा — 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 5 पर जांच शुरू

मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में 4 नवंबर को बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सस्पेंड कर दिए गए हैं, जबकि पांच पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच शुरू की गई है। मामला अब जांच के घेरे में है।

मुंबई: जोगेश्वरी पश्चिम के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों के कथित “अशोभनीय व्यवहार” के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि पांच अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की गई है। यह कार्रवाई 4 नवंबर को बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुए विवाद के बाद की गई है।

⚖️ ओशिवारा थाने में तनाव: क्या हुआ था उस दिन

4 नवंबर की शाम को बजरंग दल के जिला अधिकारी शंकर उर्फ़ वृशभ जाधव करीब 10–15 कार्यकर्ताओं के साथ ओशिवारा पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि जोगेश्वरी (पश्चिम) के गुप्ता किराना स्टोर के पास एक परिवार पर दूसरे परिवार ने हमला किया है।
उसी वक्त एक नाबालिग लड़की और उसकी मां भी छेड़छाड़ की शिकायत लेकर थाने पहुंचीं।

पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन माहौल अचानक गरम हो गया।
इसी दौरान कुछ पुलिस अधिकारियों पर “गलत व्यवहार” और “कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने” के आरोप लगे।

🚨 दो पुलिस अधिकारी सस्पेंड, पांच पर जांच आदेश

घटना के बाद डीसीपी (ज़ोन 9) दिक्षित गेडाम ने इसकी पुष्टि की।
उन्होंने बताया कि दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है, हालांकि उनके नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
साथ ही, पांच अन्य पुलिसकर्मियों —
एपीआई रमेश केंगर, एपीआई गणेश गायके, पीएसआई बाबू तोत्रे, पीएसआई दीपक बारवे और कॉन्स्टेबल अज़ीम ज़री — पर जांच के आदेश जारी किए गए हैं।

🕵️ सात दिन में स्पष्टीकरण रिपोर्ट देनी होगी

सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे सात दिनों के अंदर स्पष्टीकरण रिपोर्ट (Self-Explanatory Report) जमा करें।
अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ अशोभनीय व्यवहार किया और कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई।

📢 प्रशासन सख्त, जांच जारी

घटना के बाद से ही ओशिवारा पुलिस स्टेशन में माहौल तनावपूर्ण है।
वरिष्ठ अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, यह जांच केवल व्यवहारिक नहीं बल्कि प्रक्रियात्मक लापरवाही पर भी केंद्रित है — यानी क्या पुलिस ने शिकायत दर्ज करने और कार्रवाई करने में देरी की थी या नहीं।


FAQ सेक्शन:

Q1. ओशिवारा पुलिस स्टेशन में क्या हुआ था?
👉 4 नवंबर की शाम बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद पुलिस पर अशोभनीय व्यवहार का आरोप लगा।
Q2. कितने पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं?
👉 दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया है और पांच पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच शुरू है।
Q3. जांच की निगरानी कौन कर रहा है?
👉 डीसीपी (ज़ोन 9) दिक्षित गेडाम पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
Q4. क्या पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए हैं?
👉 हां, पांच पुलिसकर्मियों के नाम जांच आदेश में दर्ज हैं — रमेश केंगर, गणेश गायके, बाबू तोत्रे, दीपक बारवे और अज़ीम ज़री।


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